Adhayatmik kavita in hindi | 21century /हिंदी संग्रह

November 08, 2019

आप वही जीवन पाते हैं जिसमें आप लगातार प्रयास करते हैं

चींटी हो गए है
कोई वजूद नहीं
जब चाहे
कोई मसल दे
देह भी मजबूत नहीं
सह सके काल के
भाल को
मांस भी गल
प्रोटीन की जगह
हड्डियों का ढांचा
उसे भी लगा दिया
मशीन की तरह
अमीर रूपये  छापते
मै बना एक साँचा
हम एक चींटी बन गए हैं
बाहर जाने का कोई मार्ग नहीं
जब भी कोई भी जीवन को लंबा जीते हैं
हमें कोई भी नष्ट कर सकता है
शरीर मजबूत नहीं है
दुर्भाग्य को समय पर मदद मिल सकती है
यह टोकन नहीं है
पुल टूट गया है
मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा है
मैं आध्यात्मिक ईश्वर से कैसे मिलूंगा
कई लोगों ने कहने के लिए अपना चेहरा ढंक लिया
मैं गलत रास्ते पर चला गया
मांस में भी कमी आती है
अस्थि संरचना केवल
मेरी आत्मा कैसे बढ़े
दौर ने बुराई को पाखंडी बना दिया है
मेरी आत्मा हर बार रोई
लेकिन मशीन की तरह कोई नहीं सुनता है
पाखंडी ने रुपए छापे
मैं पाइप की तरह एक सांचा बना



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