Kavita Rajneeti 2019--आम आदमी दशा

April 06, 2019

जुमला

 Kavita Rajneeti, Kavita Rajneeti 2019
Kavita Rajneeti 

धम्म की आवाज से डरता है।
क्या भय युक्त शहर हुआ?
दबे पाँव चल, मुँह मत खोल
राजा सख्त है।
प्रजा त्रस्त तो क्या?
उसका जुमला तो अच्छा है।
अपनी भावनाओं को ठेस पहुँचा,
जी हुजूरी ओर ज्यादा कर,
उसका यकीन बढ़े।
फूलों की रंगत उड़ी।
तो क्या?
बाग का कुनबा तो अच्छा है।
तुम सीमा सिपाही,
तेरी विशात क्या?
मर कर शहीद हुए,
परिवार तेरा बिखरा
तो क्या?
शहीदी का जुमला तो अच्छा है।
हाथ हुनर कसरत करता,
मेहनत से चुर मरता।
तो क्या?
परिवार भूखे ना सोया,
मेहनतकसी का जुमला तो अच्छा है।







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