गाँव की आधुनिक नारी hindi kavita /Twenty-first century women power

February 28, 2019

गाँव की आधुनिक नारी


Twenty-first century women power,गाँव की आधुनिक नारी
Twenty-first century women power
शहर सादृश्य गाँव में, 
वो कार चलाए
ये ठेला गाड़ी
चप्पल नहीं पाँव में।
कर धमनियाँ उभरी
ललाट मेहनत मोती चमके,
फिर भी ना बैठे छाँव में।
पगड़ी बाँध चुन्नी की
आधा टन खींचे,
आधुनिकता की दौड़ में,
कहाँ हैं पीछे।
शान्त, नहीं ताव में।।ं
ए0सी0 की ना चन्द्रा कोचर
मंजिल उसकी  दृष्टि गोचर,
दो फेरा लग जाए
सौ की पत्ती मिल जाए
हरदम रहती इसी दाँव में।।
कष्टों को सहने वाली
कांटो पथ चलने वाली ,
आधुनिक नारी भारत के गाँव में।।

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